जानकीपुरम में बिजली कर्मी की कनपटी पर तमंचा लगाकर लूट

By - Nov 02, 2018 12:49 PM
जानकीपुरम में बिजली कर्मी की कनपटी पर तमंचा लगाकर लूट

लखनऊ। विभूतिखण्ड मे गैस एजेन्सी के कैशियर की हत्या और लूट की घटना के बाद मुख्यमंत्री की नाराजगी की जद मे आए एसएसपी कलानिधि नैथानी के मातहत ही उनकी फजीहत कराने पर आमादा है। एसएसपी कलानिधि नैथानी अपराध को कम करने के लिए प्रयास कर रहे है और थानेदार है कि अपराध की घटनाए छुपा कर अपराध को कम बताने की जुगाड़ कर रहे है। ताजा मामला जानकीपुरम थाना क्षेत्र का है जहां न्यू कैम्पस के पास गुरूवार की रात सड़क के किनारे लघु शका कर रहे एक बिजली कर्मी की कन्पटी पर तमन्चा लगा कर बदमाशो ने उसको मोबाईल पर्स और मोटर साईकिल लूट ली और उसे लात घुसो से पीटने के बाद धक्का देकर फरार हो गए।

लूट का शिकार हुआ बिजली कर्मी जानकी पुरम थाने पहुॅचा जहां एक दरोगा ने पहले तो उसकी बात पर विश्वास ही नही किया फिर पीड़ित से चोरी की तहरीर लेकर उसे थाने से चलता कर दिया। तआज्जुब की बात तो ये है कि इसी सप्ताह थाने का चार्ज सम्भालने वाले इन्स्पेक्टर राजकुमार को इस सनसनी खेज वारदात की सूचना तक नही मिली। ऐसे हालात मे जब पुलिस लूट की घटना को चोरी मे बताएगी तो लुटेरो का मनोबल नही बढ़ेगा तो और क्या होगा। लूट का शिकार हुए बिजली कर्मी का कहना है कि उसने रात मे थाने के तीन चक्कर लगाए लेकिन दरोगा ने लूट की बात नही मानी और चोरी की तहरीर लेकर उसे थाने से चलता कर दिया। जानकारी के अनुसार रामलीला मैदान मड़ियाव के रहने वले 22 वर्षीय सुजीत कुमार अहिबरनपुर सब स्टेशन मे लाईन मैन के तौर पर सविदा पर तैनात है।

सुजीत कुमार के अनुसार वो गुरूवार की दोपहर बक्शी का तालाब कोआपरेटिव बैंक गए थे जहंा सरवर की समस्या के कारण उन्हे लौटने मे देर हो गई। सुजीत ने बताया कि वापस आते समय भिटौली के पास सड़क पर यातायात जाम देख कर उन्होने अपनी  गाड़ी को जानकीपुरम की तरफ होते हुए न्यू कैम्पस की तरफ मोड़ दिया रात का करीब आठ बज रहा था रास्ते मे उन्होने लघु शंका के लिए सन्नाटे मे अपनी मोटर साईकिल रोकी और सड़क के किनारे लघु शंका के लिए खड़े हो गए। सुजीत के अनुसार तभी चार बदमाश आए और उनकी कन्पटी पर तमन्चा लगा कर उनकी जेब से पर्स और वीवो का मोबाईल फोन निकाल लिया पर्स मे साढ़े पाॅच हजार रूप्ए थे। सुजीत के अनुसार जब उन्होने बदमाशो का विरोध करना चाहा तो बदमाशो ने उन्हे लात घूसो से मारा और जोर का धक्का देकर गिराया और उनकी मोटर साईकिल नम्बर यूपी 32जीआर 6952 लेकर फरार हो गए। लूट का शिकार हुए सुजीत ने बताया कि वो किसी तरह रात को ही जानकी पुरम थाने पहुॅचे वहां मौजूद दारोगा से उन्होने घटना बताई तो दरोगा ने उनकी बात पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया और सुबह थाने आने की बात कही। सुजीत ने बताया कि काफी मिन्नते करने के बाद दरोगा ने मनमाफिक चोरी की तहरीर लिखवाई और थाने से टरका दिया। सुजीत का कहना है कि वो रात मे तीन बार जानकी पुरम थाने गया बामुशकिल तमाम उसकी तहरीर ली गई लेकिन लूट की नही बल्कि चोरी की तहरीर ली गई।

इस सम्बन्ध मे इन्स्पेक्टर जानकी पुरम राजकुमार का कहना है कि उन्हे ऐसी किसी घटना की कोई सूचना नही मिली है उन्होने कहा कि मै खुद रात ढाई बजे तक क्षेत्र के गश्त पर था इतनी बड़ी वारदात हो जाए और मुझे पता न चले हो ही नही सकता इन्स्पेक्टर लूट की वारदात से तो इन्कार कर रहे है लेकिन उनके थाने के दरोगा के अनुसार ही अगर इस वारदात को चोरी ही माना जाए तो इन्स्पेक्टर को पता होनी चाहिए लेकिन इन्स्पेक्टर तो किसी भी वारदात से अन्जान है। इस सम्बन्ध मे जानकारी के लिए एएसपी ट्रान्स गोमती हरेन्द्र कुमार को फोन किया गया तो उन्होने संवाददाता की काल ही रिसीव करने की जहमत नही की। अब सवाल ये उठता है कि जब थानेदार लूट जैसी संगीन वारदातो पर पर्दा डालने पर आमादा रहेंगे तो एसएसपी की अपराध रोकने की मंशा कैसे कामयाब होगी क्या थानेदार बदलने भर से ही अपराध रूक जाएगा।