पिंक बूथ को लेकर भाजपा ने सवाल उठाये

By - Oct 09, 2018 07:29 AM
पिंक बूथ को लेकर भाजपा ने सवाल उठाये

निर्वाचन आयोग ने आज राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में राजनीतिक दलों की तरफ से सुझाव कम शिकायतें ज्यादा हुई। महिलाओं के लिए भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से खास पिंक बूथ यानि गुलाबी बूथ को लेकर भाजपा ने सवाल उठाये। 
भाजपा ने गुलाबी बूथ होने से इसका चुनाव में असर पड़ेगा क्योंकि जोगी कांग्रेस की पार्टी का रंग गुलाबी है। भाजपा की आपत्ति के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने पिंक बूथ के बारे में बताया कि महिलाओं को सुविधा देने के लिए पिंक बूथ बनाया जाता है इस रंग का इस्तेमाल बूथों में नहीं होता।
वहीं कांग्रेस ने आदर्श आचार संहिता को हिंदी में उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों के सामने इस बात की आपत्ति जतायी कि मॉडल कोड आफ कंडक्ट की प्रति 
हिंदी में उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को काफी मुश्किलें होगी। अंग्रेजी में आचार संहिता होने की वजह से गलतियों की गुंजाईश ज्यादा होगी।
वहीं जोगी कांग्रेस ने 20 नवंबर की तारीख में बदलाव की मांग की मांग की। जोगी कांग्रेस की तरफ से निर्वाचन आयोग को बताया गया कि 20 नवंबर को मिलाद उल नवी का त्योहार है। त्योहार का दिन होने की वजह से मतदान प्रभावित हो सकता है।
पिंक बूथ को महिला सशक्‍तीकरण से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इसका मुख्य मकसद है कि हर महिला व पुरुष को वोट देने का सुखद अनुभव हो। ये उन्हें बूथ तक लेकर आने की पहल है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी हो सके। 
कहा जाता है कि इस तहर के बूथ महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हैं। भारत में पहली बार गुलाबी बूथ की शुरुआत पूर्व चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने की थी। साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इसकी पहली बार इस्तेमाल हुआ।